मेरा प्रिय खेल फुटबॉल पर निबंध, Mera Priya Khel Football Essay in Hindi, Short and Long Essay, Hindi Anuched for Class 6, 7, 8, 9, 10, and 12 Students.

मेरा प्रिय खेल फुटबॉल पर निबंध

Mera Priya Khel Football Essay in Hindi

                    फुटबॉल एक अत्यंत प्रसिद्ध खेल है, जो दुनिया भर के लोगों का ध्यान आकर्षित करती है। यह लोगों को तनाव से राहत पाने के लिए मदद करता है, अनुशासन और टीम के साथ कार्य करना सिखाता है और साथ ही खिलाड़ियों और प्रशंसकों में तंदरुस्ती लाता है। यह अधिक रुचि, खुशी और आश्चर्य का खेल है। यह पैर के साथ एक गेंद को ठोकर मारकर खेला जाता है, इसलिए फुटबॉल का खेल कहा जाता है।

फुटबॉल का इतिहास

                      फुटबॉल को एक प्राचीन ग्रीक खेल हर्पास्टॉन के रुप में माना जाता है। यह बहुत अधिक समानता से दो टीमों द्वारा पैर के साथ एक गेंद को ठोकर मारकर खेला जाता था। यह बहुत ही भद्दा और क्रूर खेल था, जो गोल लाइन के पास दौड़कर गेंद को ठोकर मारकर गोल बनाने के लक्ष्य के साथ खेला जाता था। यह बिना किसी भी विशेष सीमा, मैदान के आकार, खिलाड़ियों की संख्या, साइड रेखा आदि के खेला जाता था। यह माना जाता है कि, इसकी उत्पत्ति 12वीं सदी में हुई बाद में, सबसे पहले यह इंग्लैंड में लोकप्रिय हुआ और इसके नियम प्रभाव में तब आए जब यह स्कूलों और कॉलेजों में, सन् 1800 में अग्रणी खेल बन गया। यद्यपि, वर्ष 1905 में कमेटी के द्वारा वैधानिक किया गया लेकिन अभी भी भद्दे खेल, जैसे बाजू का टूटना आदि के कारण निषेध है।

फुटबॉल खेल को कैसे खेलते हैं

                        फुटबॉल एक लोकप्रिय खेल है, जो खिलाड़ियों को स्वस्थ और अनुशासित रखता है। यह उनके मन में टीम भावना और उन के बीच में सहिष्णुता की भावना विकसित करता है। यह 90 मिनट (45 मिनट और 15 मिनट के दो अन्तरालों में बाँटकर खेले) के लिए खेला जाने वाला खेल है। यह खेल 11-11 खिलाड़ियों को रखने वाली दो टीमों के बीच में खेला जाता है। खिलाड़ियों को अपनी विरोधी टीम के गोल-पोस्ट में गेंद को पैर से मारकर गोल करना होता है। प्रतिद्वंदी टीम के गोल को रोकने के लिए, दोनों पक्षों में एक-एक गोलकीपर होता है। इस खेल में गोल कीपर को छोड़कर किसी भी अन्य खिलाड़ी को गेंद को हाथ से छूने की अनुमति नहीं है। जो टीम दूसरी टीम के खिलाफ अधिक गोल बनाती है, वही विजेता घोषित की जाती है और अन्य दूसरी टीम हारी हुई मानी जाती है। मैदान में खिलाड़ियों के अतिरिक्त खेल को उचित ढंग से आयोजित करने के लिए एक रेफरी और दो लाइनमैन (प्रत्येक पक्ष पर) होते हैं। खेल के दौरान सभी खिलाड़ियों को खेल के नियमों का कड़ाई से पालन करने की चेतावनी दी जाती है। यह एक अन्तर्राष्ट्रीय खेल बन गया है और हर चार साल के बाद वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के रुप में विश्व भर के विभिन्न देशों में खेला जाता है।

फुटबॉल का महत्व और लाभ

                        नियमित रुप से फुटबॉल खेलना खिलाड़ियों के लिए बहुत से लाभ प्रदान करता है, जैसे- एरोबिक और एनेरोबिक तंदरुस्ती को बढ़ाना, मानसिक लाभ, एकाग्रता स्तर को बढ़ावा देना, तंदरुस्ती कौशल को सुधारना, आदि। यह सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए लाभदायक है। इसके कुछ महत्वपूर्ण लाभ निम्नलिखित है:

यह एक को व्यक्ति, अधिक अनुशासित शांत और समयनिष्ठ बनाता है।

यह हृदय के स्वास्थ्य में सुधार करता है क्योंकि, हृदय प्रणाली शरीर के सभी कार्यों में बहुत अधिक सम्मलित होती है।

यह खिलाड़ियों को टीम में कार्य करने के लिए प्रेरित करता है।

यह तंदरुस्ती के कौशल स्तर में सुधार करता है। यह अधिक चर्बी घटाने, मांसपेशियों की ताकत बढ़ाने और जीवन भर के स्वास्थ्य संबंधी आदतों को सुधारने में मदद करता है।

यह मानसिक और शारीरिक ताकत प्रदान करता है।

यह खिलाड़ियों की निराशा से निपटने, साहस और अभ्यास आदि के द्वारा मनौवैज्ञानिक और सामाजिक लाभ प्रदान करता है।

यह खिलाड़ियों के बीच अनुकूलन क्षमता और अच्छी सोच विकसित करके आत्मविश्वास के स्तर और आत्म सम्मान में सुधार करता है।

फुटबॉल खेलने से सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है, जो अवसाद कम करता है।

 

निष्कर्ष

                        फुटबॉल एक अच्छा खेल है, जो विभिन्न पहलुओं से, जैसे- शारीरिक, सामाजिक, बौद्धिक और वित्तीय रुप से खिलाड़ियों को लाभ पहुँचाता है। यह खिलाड़ियों की राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर समाज में एक अलग पहचान बनाता है। शारीरिक और मानसिक तंदरुस्ती पाने के लिए बच्चों को घर के साथ ही स्कूल में भी फुटबॉल खेलने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।

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