मेरी रुचि पर निबंध, Meri Ruchi Essay in Hindi, Short and Long Essay 500 Words, Hindi Anuched for Class 6, 7, 8, 9, 10, and 12 Students.

मेरी रुचि पर निबंध

Meri Ruchi Essay in Hindi

 

                  किसी भी वस्तु या कुछ करने का शौक अच्छी चीज है, जो एक व्यक्ति को बचपन से प्राप्त होता है। इसे किसी भी आयु में विकसित किया जा सकता है हालांकि, बचपन से ही किसी शौक का होना अपना एक अलग महत्व रखता है। हम सभी कुछ कामों को अपनी रुचि के अनुसार करते हैं जो, हमें खुशी और आनंद प्रदान करते हैं, वही शौक कहलाता है। कुछ लोगों में अपनी रुचियों, पसंद और नापसंद के अनुसार अलग-अलग शौक होते हैं। ऐसे बहुत से शौक हैं, जो हम विकसित कर सकते हैं; जैसे- नाचना, गाना, संगीत सुनना, चित्रकारी करना, इंडोर या आउटडोर खेल खेलना, चिडियों को देखना, प्राचीन चीजों को एकत्र करना, फोटो खींचना, लिखना, अलग-अलग चीजों को खाना, पढ़ना, बागवानी करना, आदि। हमारे शौक हमारे जीवन-यापन में मदद करते हैं, जिसकी मदद से हम सफल कैरियर का निर्माण कर सकते हैं। शौक वह होता है, जिसका हम अपने खाली समय में पूरी तरह आनंद लेते हैं।

                  मेरा पसंदीदा शौक खाना बनाना, संगीत सुनना और बागवानी करना है हालांकि, मैं हमेशा बागवानी करना पंसद करता हूँ। मेरे लिए बागवानी करना ध्यान करने जैसा है, जो मेरे कार्य करने की क्षमता, रुचि और योग्यता में सुधार करती है। यह मुझे उच्च स्तर की शान्ति प्रदान करती है और मेरे पूरे दिन को उपयोगी बनाती है। हर सुबह, मैं अपने बगीचे में खिलते हुए फूलों, धीरे-धीरे बढ़ते हुए पौधों को देखकर आनंद लेता हूँ। मैं अपने बगीचे में प्रतिदिन सूरज निकलने और छिपने का भी आनंद लेता हूँ। मैं आमतौर पर, स्कूल से मिले गृहककार्य को अपने हरे-भरे बगीचे में बैठकर करना पसंद करता हूँ। मुझे अपने पिता के साथ शाम को प्रतिदिन बगीचे में बैडमिंटन खेलता हूँ और अपनी माता जी के साथ शाम को टहलने का आनंद लेता हूँ। मैं प्रतिदिन नए पौधों के विकास को देखता हूँ और पौधों को हर रोज पानी देता हूँ। मैंने अपने बगीचे में इसकी खूबसूरती और सजावट को बढ़ाने के लिए कुछ नए और सजावटी पौधों को भी लगाया है।

                  मैं 14 साल का हूँ और कक्षा 9 में पढ़ता हूँ। मैं अपने इस शौक को अपने जीवन के आखिरी क्षणों तक जारी रखना चाहता हूँ। वे मुझे व्यस्त, खुश, और दैनिक जीवन के सभी तनावों से दूर रखते हैं। मेरे माता-पिता मुझे सारे शौकों को जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। जब में अपनी सभी समस्याओं को आसान तरीके से लेकर उन्हें बिना किसी गुस्से और तनाव के, हल करने की कोशिश करता हूँ, तो वे यह देखकर बहुत खुश होते हैं। मेरी माँ हमेशा कहती हैं कि, बागवानी करना किसी भी अन्य शौक से अलग व अच्छी रुचि है; यह हमें आशीर्वाद देती है क्योंकिपौधों को पानी देने के माध्यम से हम उन्हें जीवन देते हैं। मैं बचपन से ही, अपने बगीचे में इसकी देखभाल के लिए प्रतिदिन, 1 घंटे का समय देता हूँ। मैंने वेल्वेट घास का प्रयोग करके तीन सुन्दर हरे घास के गलीचे बनाए हैं। मैंने बगीचे के हरेक कोने में फूलों का सुन्दर बैड बनाया है और रंग-बिरंगे गुलाब, लिली, मोंगरा, गेंदा, सूरजमुखी, और अन्य मौसमी फूलों को लगाया है। क्रिसमस के त्योहार पर, मैं अपने बगीचे के बिल्कुल बीच में एक बड़े क्रिसमस पेड़ को अपने मित्रों और परिवार के साथ मिलकर सजाने का आनंद लेता हूँ।

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