वसंत ऋतु पर निबंध, Basant Ritu Essay in Hindi, Short, Long Essay in Hindi, Hindi Anuched for Class 6, 7, 8, 9, 10, and 12 Students.

वसंत ऋतु पर निबंध

Basant Ritu Essay in Hindi

वसंत ऋतु तीन महीने की होती है हालांकि, इसकी चारों ओर की सुन्दरता के कारण ऐसा लगता है कि, यह बहुत थोड़े समय के लिए ही रहती है। पक्षी वंसत ऋतु के स्वागत में मीठी आवाज में गाना गाना शुरु कर देते हैं। तापमान सामान्य रहता है, इस मौसम में न तो बहुत अधिक सर्दी होती है और न ही बहुत अधिक गर्मी। चारों ओर की हरियाली के कारण यह हमें ऐसा महसूस कराता है कि, पूरी प्रकृति ने स्वंय को हरी चादर से ढक लिया है। सभी पेड़ और पौधे नया जीवन और नया रुप प्राप्त करते हैं, क्योंकि उनकी शाखाओं पर नई पत्तियाँ और फूल विकसित होते हैं। फसलें खेतों में पूरी तरह से पक जाती है और सभी तरफ वास्तविक सोने की तरह दिखती है।

पेड़-पौधों की शाखाओं पर नई और हल्की हरी पत्तियाँ आना शुरु होती है। सर्दियों की लम्बी खामोशी के बाद, पक्षी हमारे चारों ओर घर के पास और आसमान में चहचाना शुरु कर देते हैं। वसंत ऋतु के आगमन पर, वे स्वंय को तरोताजा महसूस करते हैं और अपनी खामोशी को मीठी आवाज के द्वारा तोड़ते हैं। उनकी गतिविधियाँ हमें यह महसूस कराती है कि, वे बहुत खुशी महसूस कर रहे हैं और भगवान को इस अच्छे मौसम को देने के लिए धन्यवाद कह रहे हैं।

इस मौसम की शुरआत में, तापमान सामान्य हो जाता है, जो लोगों को राहत महसूस कराता है, क्योंकि वे शरीर पर बिना गरम कपड़ों को पहने बाहर जा सकते हैं। अभिभावक सप्ताह के अन्त के दौरान बच्चों के साथ मस्ती करने के लिए पिकनिक का आयोजन करते हैं। फूलों की कलियाँ अपने पूरे शबाव में खिलती है और प्रकृति का स्वागत अच्छी मुस्कान के साथ करती है। फूलों का खिलना चारों ओर खूशबू को फैलाकर बहुत सुन्दर दृश्य और रोमांटिक भावनाओं का निर्माण करता है।

मनुष्य और पशु-पक्षी स्वस्थ, सुखी और सक्रिय महसूस करते हैं। लोग सर्दियों के मौसम में बहुत कम तापमान के कारण अपने रुके हुए कार्य और योजनाओं को इस मौसम में करना शुरु करते हैं। वसंत का बहुत ठंडा वातावरण और बहुत सामान्य तापमान लोगों को बिना थके बहुत अधिक कार्य करने के लिए तैयार करता है। सभी सुबह से शाम तक बहुत अच्छे से दिन की शुरुआत करते हैं, यहाँ तक कि, बहुत अधिक भीड़ होने के बाद भी तरोताजा और राहत महसूस करते हैं।

किसान बहुत अधिक खुश और राहत महसूस करते हैं, क्योंकि वे नई फसल को बहुत महीनों की कठिन मेहनत के बाद अपने घर पुरस्कार के रुप में सफलता पूर्वक लाते हैं। हम होली, हनुमान जंयती, नवरात्री और अन्य त्योहार अपने मित्रों, परिवार के सदस्यों, पड़ौसियों और रिश्तेदारों के साथ मिलकर मनाते हैं। वसंत ऋतु, हमारे और पूरे वातावरण को प्रकृति की ओर से बहुत अच्छा तौहफा है और हमें बहुत अच्छा संदेश देती है कि, सुख और दुख एक के बाद एक आते जाते रहते हैं। इसलिए कभी भी बुरा महसूस नहीं करना चाहिए और धैर्य रखना चाहिए, क्योंकि हमेशा काली घनी रात के बाद सुबह अवश्य होती है।

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